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A New Beginning !

2013 , Well A new year  has arrived With lots of hope and Dreams !
Best wishes to all the people out there!
What actually a new year is like !,
Does any thing changes ?
Does the sun seems bigger ?
Is the earth started revolving around the moon this time ?
There is actually nothing new apart from the year numbering !
but if you take it positively then this process brings new beginning ,
new hopes and new dreams , telling us to forget the past, live the present ,
And just for some moment stop worrying about the future !
"Kal jo gaya woh laut ke nahi aayega,
 kal jo aayega woh hame kaun batayega,
 jindagi toh iss pal meh hai mere dost ,
 jile  isse, yeh pal dubara lautkar nahi aayega "
Tried to convey the message in a poetic way !
Well lesson learned in the first few days of 2013 is
that " Wake ur everyday promising yourself to be more Awesome ! "
and see how things changes !
kyunki if you keep on doing the same old things then 
it will be like pushing accelerator in a car without pushing the gear up ;)
Either Enjoy living or Die Crying !

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आज भी है

आँखों में कुछ नमी आज भी है ,
तेरे ना होने की कमी आज भी है।
यु करके मोहब्बत भूल जाते है लोग ,
इस दिल में बेबसी आज भी है।
यु तोह तुझे पाने की चाहत आज भी है,
तेरी जुल्फोन में खो जाने की आरज़ू आज भी है।
पर अब न लौट के आएंगे ये वादा है ,
ज़िन्दगी का मोल अभी तेरी मोहब्बत से जायदा है।
रहते है कुछ लोग जिनके लिए जीने का इरादा है ,
क्यूंकि ज़िन्दगी का मोल अब 
तेरी मोहब्बत से जायदा है। 

पर हम ना होंगे . . .!!

नग्में तो होंगे   मेरी  इस  महफ़िल  मे  पर  हम  ना  होंगे ,
किस्से  मेरी  मोहब्बत  के  सुनायेगा  कोई ओर पर  हम  ना  होंगे.
चाहत  की  थी हमने  भी  उन्हे खुदा  मान के ,
चाहतो  के  चर्चे  तो  होंगे  पर  हम  ना  होंगे.
होगी  फिर  वही  रात  और  वही  होगी  चाँदनी ,
बस  उस  चाँदनी  के  दीदार  को  हम ना होंगे.
होता  अगर  बस  मे  मेरे  तो  मोहब्बत  उन्से  भी  करवा  लेते  ,
पर  इस  एहसास  को  जीने  के  लिए  अब  हम ना होंगे.
सोचा  था  अपना  भी  छोटा  सा  एक आशियाँ  होगा ,
लम्हे  होंगे  , बातें  होंगी ,
लम्हे  तो होंगे  तेरी  जिंदगी  मे  येह  सारे ,
बस  उन  लम्हो  मे  एक  हम  ना होंगे.

अनकहीं बातें

मेरे  लफ़्ज़ों  के पन्नो पे कुछ  बात तोः है, यादों  की सांसो से मुलाकात तोः है। कुछ नग्मे है ,कुछ किस्से है, कुछ अपनों को खोने के ज़ज़्बात तोः है। पल पल बदलती इस दुनिया में , कुछ अनजाने से एहसास तोः है। फिर क्यों रह जाती है अनकही बातें , और क्यों होती है अधूरी मुलाकातें। क्यों होती है शाम सूरज ढलने के बाद , क्यों बिचरते है लोग मिलने के बाद। क्यों हर  मोहब्बत मुकम्मल नहीं होती, क्यों  बेवफाई की कोई वजह नहीं होती। यूही  नहीं मील जाते है लोग इस दुनिया में ,
उनके मिलने की वजह खुस खास तोह है।
ढलता है सूरज हर शाम को लौट जाने को , क्यूंकि हर  शाम के भी कुछ ज़ज़्बात तोः  है।
आज जो हम तुम साथ तोः है, कुछ यादें है , कुछ बातें है। कुछ अनकहे लफ़्ज़ों में सिमटे हुए पल , कुछ रिश्तों के अधूरे होने की बात तोह है। मेरे  लफ़्ज़ों  के पन्नो पे आज फिर से कुछ अनकही सी बात तोः है।