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Emotional Attyachar : Ek Jhatke ka Pyaar !

Tere jane ke baad zindagi toh hai ,
magar jindagi se koi aas nahi .
tujhe bhulne ki chahat toh hai ,
magar ab chahat ki  woh pyaas nahi !

I don't know whether those words make sense or not, but the theme which goes
behind those words are what most of the people are fighting to overcome!!
              Emotions !!!
Well sometime its good to be emotional, but carrying the emotions which 
leads to nowhere will only make your journey harder!

"Manjil ko pana koi badi baat nahi, bas bandhan ka moh aur 
pyaar ki maya ko tyaagna hoga,"

The only Gap between a Successful Person and an average person is the 
Emotion which should have been buried in the past but is still travelling with him.
I find a lot of people who are the victim of so Called "Emotional Attyachar "
I don't say its easy to MOVE ON with your past, but sometime somethings are better left behind.
One of my friend says she can't overcome her past !
I Just Asked her " Did you stop Breathing after what happened ?
Were you able to control your Hunger !?
Did the Time Stopped? 
And the answer was NO, I am still breathing, I do feel hungry and Time goes on but?.
I said if it is so, then you can't cry over a same thing again and again !
bcoz life is too short to Regret things which are gone.
They are gone just because they don't belong to your Present, So don't spoil your future!
U can not carry those Emotions with you.
May be at times you feel guilty of your past deeds, but remember at that time it was 
the best solution you thought about. 
It was your decision and  never regret your Decisions.
The only person you can trust in this whole world is you yourself
So always Respect your Decisions and believe that you choose the best option available to you.
Drop your Guilt and see how free you'll feel,
" Emotions are the best Enemy one can have or the best Friend to Relay upon"
Time has the power to heal every wound !
Just Connect the Dots of your past With Positive Ends and 
life will be wonderful !


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आज भी है

आँखों में कुछ नमी आज भी है ,
तेरे ना होने की कमी आज भी है।
यु करके मोहब्बत भूल जाते है लोग ,
इस दिल में बेबसी आज भी है।
यु तोह तुझे पाने की चाहत आज भी है,
तेरी जुल्फोन में खो जाने की आरज़ू आज भी है।
पर अब न लौट के आएंगे ये वादा है ,
ज़िन्दगी का मोल अभी तेरी मोहब्बत से जायदा है।
रहते है कुछ लोग जिनके लिए जीने का इरादा है ,
क्यूंकि ज़िन्दगी का मोल अब 
तेरी मोहब्बत से जायदा है। 

पर हम ना होंगे . . .!!

नग्में तो होंगे   मेरी  इस  महफ़िल  मे  पर  हम  ना  होंगे ,
किस्से  मेरी  मोहब्बत  के  सुनायेगा  कोई ओर पर  हम  ना  होंगे.
चाहत  की  थी हमने  भी  उन्हे खुदा  मान के ,
चाहतो  के  चर्चे  तो  होंगे  पर  हम  ना  होंगे.
होगी  फिर  वही  रात  और  वही  होगी  चाँदनी ,
बस  उस  चाँदनी  के  दीदार  को  हम ना होंगे.
होता  अगर  बस  मे  मेरे  तो  मोहब्बत  उन्से  भी  करवा  लेते  ,
पर  इस  एहसास  को  जीने  के  लिए  अब  हम ना होंगे.
सोचा  था  अपना  भी  छोटा  सा  एक आशियाँ  होगा ,
लम्हे  होंगे  , बातें  होंगी ,
लम्हे  तो होंगे  तेरी  जिंदगी  मे  येह  सारे ,
बस  उन  लम्हो  मे  एक  हम  ना होंगे.

अनकहीं बातें

मेरे  लफ़्ज़ों  के पन्नो पे कुछ  बात तोः है, यादों  की सांसो से मुलाकात तोः है। कुछ नग्मे है ,कुछ किस्से है, कुछ अपनों को खोने के ज़ज़्बात तोः है। पल पल बदलती इस दुनिया में , कुछ अनजाने से एहसास तोः है। फिर क्यों रह जाती है अनकही बातें , और क्यों होती है अधूरी मुलाकातें। क्यों होती है शाम सूरज ढलने के बाद , क्यों बिचरते है लोग मिलने के बाद। क्यों हर  मोहब्बत मुकम्मल नहीं होती, क्यों  बेवफाई की कोई वजह नहीं होती। यूही  नहीं मील जाते है लोग इस दुनिया में ,
उनके मिलने की वजह खुस खास तोह है।
ढलता है सूरज हर शाम को लौट जाने को , क्यूंकि हर  शाम के भी कुछ ज़ज़्बात तोः  है।
आज जो हम तुम साथ तोः है, कुछ यादें है , कुछ बातें है। कुछ अनकहे लफ़्ज़ों में सिमटे हुए पल , कुछ रिश्तों के अधूरे होने की बात तोह है। मेरे  लफ़्ज़ों  के पन्नो पे आज फिर से कुछ अनकही सी बात तोः है।